BIOS kya hai –

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BIOS—

आज हम आपको बायोस के बारे में बताएँगे की यह क्या होता है और यह कैसे कार्य करता है| इसे  कम्प्यूटर में क्यों और कहा  प्रयोग किया जाता है|

आज का हमारा आधुनिक युग कम्प्यूटर का युग है| अगर हम चारो तरफ नजर दौड़कर कर देखे तो पायेंगे की आज के सभी  क्षेत्रो में कम्प्यूटर का प्रयोग होने लगा है|

बैंक, रेलवे स्टेशन, एयर पोर्ट, पोस्ट आफिस , बिजनेस, कैलकुलेशन, रूपये गिनने की मशीन, आदी सभी जगह पर कम्प्यूटर का उपयोग होने लगा है| इंजिनीयर , डाक्टर स्टूडेंट, आदि ये सभी कम्प्यूटर का इस्तेमाल internment, या आफिस का काम ख़तम करने के लिए करते है| आज कम्प्यूटर और इन्टरनेट के बिना जीवन को जीना कठिन हो गया है| हमारे जीवन में कम्प्यूटर का महत्त्व आधिक है | इसने मनुष्य के जीवन को सरल , सुविधा, और सटीकता प्रदान की है|

जैसे एक मनुष्य के दिन  की शुरुआत  कम्प्यूटर के बिना नहीं होती उसी तरह एक ऐसा software है जिसके बिना कम्प्यूटर भी चल नहीं सकता है | उस साफ्टवेयर का नाम BIOS है| आज हम इसी के  बारे में चर्चा करेंगे | तो चलिए शुरू करते है|

BIOS का पूरा नाम क्या होता है?

बायोस का पूरा नाम basic input output system होता है| यह मदर  बोर्ड के साथ जुड़ा रहता है |

BIOS का आविष्कार किसने किया?

बायोस को सबसे पहले गैरी किल्दन ने किया था| और सन 1974 में इसका विकास हुआ और इसके बाद इसका P C के मदर बोर्ड में किया जाने लगा|

BIOS क्या होता है?—

 जब आप काम्प्युत्र स्टार्ट करते है तो जो display पर पहली screen  दिखाई देती है वही बायोस होता है| यह मदर बोर्ड से जुड़ा एक फर्मवेयर होता है|  यह आपके कम्प्यूटर सिस्टम को सुरु करने में मदद करता है| यह कम्प्यूटर एक अभिन्न हिस्सा है| कम्प्यूटर के आन होने होने पर सुरु होने वाला पहला साफ्टवेयर है| इसके बिना कम्प्यूटर स्टार्ट नही होता है| operating load करते समय बायोस power on self test (POST ) चलाता है| ये switch turn करने के लिए कम्प्यूटर के सभी हार्डवेयर जैसे -ram, processor, keyboard, mouse, hard drive, USB port, sound card, video card आदि  सभी स्थिती में है और ठीक से काम कर रहे है या नही| फिर इन्हें configure करता है| और इसके बाद कम्प्यूटर मेमोरी में operating system में मेमोरी में load होती है| तब हमारा पुरी तरह से स्टार्ट हो जाता है| इसके बाद हम कोई भी programया software को हम आसानी से देख सकते है| अगर self test के दौरान कोई defect पाया जाता है | तो बायोस उसे ठीक करने के लिए कम्प्यूटर को एक कोड देता है| इस तरह के कोड प्रायः एक beep के रूप के रूप होते है| जो कम्प्यूटर को चालु करते समय सुनाई देते है| फिर कम्प्यूटर उन defect को automatically सुधार कर फिर से स्टार्ट हो जाता है|

BIOS कम्प्यूटर में कहा होता है?

बायोस हमारे कम्प्यूटर के रोम मेमोरी में स्थित होता है | और कम्प्यूटर के सभी हार्डवेयर को पहचानता है| ये मुख्य रूप से कम्प्यूटर के operating system  को boot करने का काम करता है| बायोस हर कम्प्यूटर में पहले से ही install रहता है| यह कम्प्यूटर की non-volatile memory यानी ROM के अन्दर install रहता है| जो चिप हमारे मदर बोर्ड में लगी होती है  इसे हम आसानी से delete नही कर सकते है | यह एक EEPROM (electronic erasable programmable read only memory ) रह की मेमोरी होती है | मतलब इसे electronically erase या program किया जा सकता है| जिससे की बाद यदि बायोस को update करना हो तो कोई दिक्कत ना आए|

मदर बोर्ड में एक सिमोस (CMOS) नाम की एक चिप होती है जिसमे बायोस की साड़ी सेटिंग मौजूद होती है| सिमोस  का पूरा CMOS – complementary metal oxide semiconductor होता है|और यह एक बैट्री की तरह होती है| ये बायोस में उपस्थित सभी सेटिंग को सुरक्षीत रखती है| और इसे के कारण बायोस कम्प्यूटर booting process को सुरु करता है| सिमोस एक छोटा सा सेल होता है | इसी के कम्प्यूटर का  डेट और टाइम बाकी सारी बेसिक जानकारी सेव रहती है| इस  बैट्री के ख़तम हों जाने या निकाल देने पर साडी सेटिंग reset हो जाती है|

आप सभी ने ये देखा होगा की कम्प्यूटर के बंद हो जाने पर भही कम्प्यूटर का डेट और टाइम कभी चेंज नही होता है| ऐसा इसलिए होता है| क्योकी टाइम और डेट की सेटिंग उसमे स्टोर रहता है| और वह सिमोस बैट्री से चलता है|

BIOS के क्या क्या कार्य होते है?

आप लोग यह जान चुके है की यह कम्प्यूटर को सरत या बूट करने में सहायता करता है|

  1. जब कम्प्यूटर स्टार्ट होता है तब बायोस सबसे पहले सर्री सेटिंग को रीड करता है ताकि सारी चीजे सही से काम कर सके |
  2.  इसके बाद बायोस डीवाइस ड्राइवर को load करता है | और operating system और connected devices के बिच एक bridge का काम करता है| जिससे साड़ी हार्डवेयर डिवाइसेस , साफ्टवेयर के साथ interact कर सके |
  3. इसके बायोस CPU के सारे resistors से initializes करता है|  मतलब उपयोग होने के लिए तैयार करता है|
  4. Resistors तैयार करने के बाद बायोस सारेhard devices जैसे – keyboard, mouse आदी  को test करता है| इस process को POST मतलब power on self test कहते है|
  5. बायोस एक bootable मध्यम को खोजता है और फिर उसे के माध्यम को read करके जरुरी files को ram पर load करता है| और इसके बाद ही हमारा कम्प्यूटर start होता है| और हमें desktop दिखाई डेटा है|

BOIS को access या update कैसे करे?

बहुत सारे keys के combination से बायोस को access के किया जाता है| बायोस access करने के लिये आपको सबसे पहले अपने कम्प्यूटर को restart करना होगा |

Restart करने के बाद कम्प्यूटर चालु होते ही key-bord shortcut-keys , F2, F12, delete या esc में से कोई नही एक keys को बिना समय लगाए press करना होता है|

ऐसा करते ही computer में बायोस सेटिंग open हो जाएगा | इसमे से आप बायोस में जितने भी सेटिंग्स है , आप उन्हें देख सकते है| और बदलाव भी कर सकते है|

बायोस के access करने के लिए आपको एक बात का ध्यान रखना होगा | कम्प्यूटर रीस्टार्ट करने के बाद Windows logo आने से पहले से shortcut keys के press   करना होगा | तभी बायोस सेटिंग open होगी |

बायोस सेटिंग से बाहर निकालने के लिए F10 key को press किया जाता है|

बहुत बार ऐसा होता है कम्प्यूटर बूट नही होता है| या फिर उसके सभी input output system  सही से काम कर रहे ही या नही| कभी -कभी बायोस up to date न होने पर भी ऐसा होता है| यही आपका कम्प्यूटर नए software  या hardware का उपयोग करने में सक्षम नही है तो बायोस update  करने की आवश्यकता होता है | अपडेट करने बायोस सारे bugs file को सही कर देता है|

बायोस अपडेट करने के लिए आप इन्टरनेट से आप अपने कम्प्यूटर का latest bios version कौन सा है अप पता कर सकते है|

आप बायोस सेटिंग में जाकर बायोस का version check कर सकते है|

अगर आपसे बायोस सेटिंग नही खुल रही है तो आप अपने काम्प्युटर के डेस्कटॉप पर जाकर Windows key + R को press करे | इसके बाद आपके सामने एक command box open होगा|  जिसमे आपको msinfo32 को type करके inter keyको  press करना है| उसके बाद आपके सामने विंडो खुलेगा आपको आपके कम्प्यूटर से related सारे जानकारी मिल जायेगी| और इस में ही आपको बायोस वर्जन का पता भी चल जाएगा |

Conclusion –

उम्मीद करते है की आपको हमारा यह बायोस पर लिखा गया लेख पसंद आया होगा | अगर इसमे आपको भी गलती या कमी दिखाई देती है तो आप comment करके बता सकते है|  


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